भारतीय सेना के सैनिक अपने घरों से दूर, विभिन्न दूर - दराज के स्थानों पर अ्ापने राष्ट्र की रक्षा के लिए तैनात हैं। उनके पास अपने वेतन और भत्ते तथा अन्य भुगतान देखने के लिए कम समय हैं।इस कार्यालय का उद्देश्य हैं और सतत प्रयास के द्वारा सुनिश्चित करते हैं कि जैसे यह लोग नि:स्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं उनको अपने वेतन पैकेज के बारे में थोडी भी चिंता हो, उनके वेतन को सुरक्षित हाथों में दिया जाय।उनके गुणवता सेवाओ के लिए प्राथमिकता दी जायेगी और यह सुनिश्चित किया जाता हैं कि उनके बकाया राशि समय पर दिया जायेगा।यह हमारा मुख्य उद्देशय है कि उनकी आवश्कताओ को पर्याप्त रूप से देखा जाय।

हमारा उद्देश्य जवानों को संतोषजनक सेवाएं प्रदान करना। अपने प्रणाली को और सही बनाने तथा इन लोगों की सेवाओ की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विभिन्न परियोजन लिए गए हैं।

उपर्युक्त उद्देश्यों को छोड कर, हमने वेतन लेखा कार्यालय मेंसैनिक सूचना प्रणालीको सफलतापूर्वक लागू किया, जहां हर जवान का वेतन और अ्न्य विवरण एक वेब साइट पर अ्पलोड की दिया गया हैं। देश के किसी भी हिस्से से उन्हें अ्पना खाता वेब साइट पर देख सकने के अ्नुमति हैं, केवल वेब साइट पर लागिंग करने से।इस प्रकार जवानों को अपने तुरंत लेन - देन संबंधित और पोस्ट में बिना चले खाते का विवरण और स्पष्टीकीरण के लिए अ्वसर प्रदान किये गये हैं।

इस दिशा में सर्वोपरि महत्व का एक और उपलब्धिमासिक भुगतान प्रणालीको कार्यान्वित करना,जिसके अर्न्तगत जवानों के वेतन एंव भत्ते सीधे उनके संबंधित बैंक खाते में ईलेक्ट्रानिक निधि स्थानांतरण/ सी एस के द्वारा मासिक आधार पर जमा किए जाते हैं। नई प्रणाली उपयोगकर्ता के अ्धिक अनुकूल हैं, और जवानों के मन में  रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया हैं।यह जवानों की त्रैमासिक खातों की वर्तमान व्यवस्था पर एक विशाल सुधार है और परिकल्पना की गई है, परिवर्तन निम्नलिखित हैं:

क)  चलित खातों पर वेतन एंव भत्ते के रखरखाव की पुरानी प्रणाली में, जवानों को अपने शेष को जानने के लिए खाते के नवीनतम त्रैमासिक विवरण पर निर्भर थे , जिसके लिए उन्हें 3 महीने का इंतजार करना पडता था। क्यू एस एस नहीं प्राप्त होने की भी संभावनाए थी, अ्ाग्रिमों को लेने में बाँधा खडी होती थी।वर्तमान प्रणाली के तहत ,वेतन सीधे उनके संबंधित बैंक खाते में मासिक आधार पर जमा कर दिए जाते हैं और जवान अपने पास बुक और टी एम/ डेबिट कार्ड की सहायता से कभी भी और उसकी पोस्टंग की जगह पर राशि प्राप्त करने में सक्षम हैं।

ख) जवानों के वेतने सीधे उनके संबंधित बैंक खातें में जमा कर दिए जाते हैं, जिससे जवानों को विभिन्न अवसर, ऋण, बैंक की योजनाए उठाने के योग्य हो जाते हैं।

ग) जवानों की आकस्मिक जरूरतों के लिएसमयबढा दिया, जैसे - निधि लेना, अग्रिम इत्यादि, पुरानी प्रणाली के तहत उनकी सहायता करने में बहुत लंबा समय लगेगा।

हम गर्व से यह घोषणा करते है कि वेतन लेखा कार्यालय उनकी जरूरतों का हमेशा ध्यान रखेगा जो राष्ट्र का ध्यान रखते हैं।